गब्बर सिंह की पाठशाला , जिसमे सीख सकते है आप मैनेजमेंट के गुर | Gabbar Management Tips in Hindi

gabbar-management-tips-in-hindiहममे से ज्यादातर जानते है कि गब्बर सिंह बॉलीवुड की यादगार फिल्म शोले में खलनायक था | गब्बर सिर्फ डाकू नही था बल्कि Management और Marketing का जीनियस भी था | जब वह रामगढ़ के भोले लोगो को नही धमकाता था , तब वह Chambal School of Management के प्रबन्धन के गुर सिखाता था | आइये देखते है कि किसी Business को सफल बनाने के लिए उसके बताये गुर किस तरह कारगर है |

01 Competitive Analysis

जब रामगढ़ से कालिया और उसका Gang खाली हाथ लौट आया तब गब्बर सिंह ने सबसे पहले उनसे पूछा “कितने आदमी थे ?” अच्छे मेनेजर की तरह वह अपनी कम्पटीशन के बारे जानना चाहता था |

02 Brand Building

गब्बर ने Brand Building का काम बखूबी किया था | वह कहता था ” जब 50-50 कोस दूर गाँवो में बच्चा नहे सोता है तो माँ कहती है  – ‘सोजा वरना गब्बर आ जाएगा ‘| जाहिर है इसके जरिये गब्बर ने अपनी मार्केटिंग और ब्रांड इमेज डेवेलप की |

03 Fair HR Policy

साथियो को सजा देने से पहले गब्बर ने सोचा कि तीन लोगो के लिए 6 गोलिया उचित नही है “6 गोली और आदमी तीन , बहुत नाइंसाफी है ” | न्याय के लिए वह रिवाल्वर में से तीन बुलेट निकाल देता है

04 स्टाफ से Feedback लेता है

जब गब्बर कालिया को गोली मारता है तो एकतरफा फैसला नही लेता | एक अच्छे लोकतांत्रिक नेता की तरह वह उसकी राय पूछता है “तेरा क्या होगा कालिया ?”

05 छंटनी

किसी को भी अपने कर्मचारियों का जाना अच्छा नही लगता लेकिन कभी कभार आपको अपने ही लोगो को फायर करना पड़ता अहि | गब्बर ने भी यही किया | उसने पागलो की तरह हंसते हुए अपने तीन आदमियों को गोली मार दी “जो डर गया समझो मर गया ”

06 समय पर हिसाब चुकाना

ठाकुर ने गब्बर को जेल में डाला | गब्बर को यह पसंद नही आया | उसने वादा किया “बहुत पछताओगे ठाकुर बहुत पछताओगे “| जेल से भाग निकलने के बाद गब्बर सिंह तत्काल ठाकुर के घर गया और उसके परिवार को खत्म कर हिसाब चुकता किया |

07 कर्मचारियों को प्रोत्साहन

गब्बर चाहता था कि बसंती नाचे लेकिन उसे शर्म आ रही थी | उसने पाया कि बसंती और वीरू एक दुसरे को प्यार करते है इसलिए उसने कहा “बहुत याराना लगता है ” |फिर वीरू को उसकी अनखो के सामने जान से मार देने की धमकी देकर थिरकने के लिए प्रेरित किया |

08 Take Over

गब्बर को पता लग गया कि ठाकुर के हाथ काफी मजबूत है | गब्बर अपने पास चाहता था | वह बोला “ये हाथ हमको दे दे ठाकुर “| ठाकुर नही देना चाहता था लेकिन गब्बर ने काटकर अपने पास रख लिया

09 परफॉरमेंस आधारित इंसेटिव

बसंती नाचती रहे इसलिए परफॉरमेंस को वीरू की जिन्दगी से जोड़ा “जब तक तेरे पैर चलेंगे तब तक इसकी साँस चलेगी ”

10 कम्पटीशन को कमजोर मत समझो

गब्बर की गलतिया मैनेजमेंट के लिए सबक है | जय और वीरू ने उसके पुरे गैंग को खत्म कर दिया | गब्बर ठाकुर के सामने आया | उसने निहत्थे बूढ़े आदमी को देखा और हंसा और कहा “तू क्या मुझसे लड़ेगा ठाकुर ” | उसे ऐसा नही करना चाहिए था क्योंकि ठाकुर ही उसे पैरो के बल मार गिराता है |

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